चाउमीन बेचने वाला रातों-रात बना लखपति dream11 में ₹35 लगाने के बाद बन गए 57 लाख रुपए, पढ़िए पूरी खबर।

आजकल इंटरनेट का जमाना है और इस इंटरनेट के जमाने में कब किस की किस्मत बदल जाए कोई भी कुछ नहीं कह सकता हमने ऐसे पूर्व में भी काफी सारे मामले देखे हैं जिसमें रातों-रात कोई भी आदमी या औरत करोड़पति या लखपति बन जाता है जी हां दोस्तों आजकल इंटरनेट के जमाने में किसी की भी किस्मत कभी भी खुल सकती है आज इस आर्टिकल में हम आपको एक ऐसे ही किससे के बारे में बताने जा रहे हैं तो हमारे साथ अंत तक इस आर्टिकल में बने रहे।

ड्रीम 11 से रातो राटो बना लखपति।

ड्रीम इलेवन के जरिए उसने 57 लाख रुपये की राशि जीती है। झारखंड के लातेहार जिले के थाना चौक पर स्थित चाउमीन बेचने वाले युवक गोपाल प्रसाद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि किस्मत इस तरह बदल जाएगी, इसका उसे अंदाजा भी नहीं था। गोपाल प्रसाद थाना चौक स्थित अपने घर में चाउमीन व चिल्ली बेचकर परिवार का भरण पोषण करता है.ड्रीम इलेवन में 57 लाख रुपये जीतने पर गोपाल और उनका पूरा परिवार काफी खुश है। गोपाल ने बताया कि ड्रीम इलेवन ऑनलाइन एप में आइपीएल में खेलने वाली टीमों की संभावना के आधार पर टीम का चयन किया था।

 

खेल का रिजल्ट आते ही 38 लाख 51 हजार रुपये मेरे खाते में आ गए। उन्होंने कहा कि 57 लाख रुपये जीतने पर 33 प्रतिशत राशि टैक्स के रूप में काट कर भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि आइपीएल मैच में खेलने वाली टीमों की संभावना के आधार पर अपनी टीम का चयन करना रहता है और जिसकी संभावित टीम जीतती है, उसे पुरस्कार मिलता है। गोपाल ने बताया कि पैसा मिलने के बाद भी वह चाउमीन बेचने का काम करता रहेगा। पैसे के उपयोग के सवाल पर उसने कहा कि इस पैसे से वह अपने परिवारजनों के लिए कुछ सामान खरीदेगा.बाकी पैसा घर बनाने में लगाएगा।

 

ऑनलाइन गेमिंग के जरिये चल रहा जुए का कारोबार अब बड़ा आकार ले चुका है.ऑनलाइन गेम बनाने वाले सट्टा कारोबारी मोबाइल एप के जरिए लोगों तक गेम पहुंचा रहे हैं.जिसे जीतने पर गिफ्ट या नगद धनराशि देने का ऑफर दिया जा रहा है.यहां तक की बड़े रेस्टोरेंट और होटल में फ्री खाना खाने तक की बात कही जाती है.

 

एंड्राइड फोन सपोर्टेड गेम में सबसे ज्यादा संलिप्तता युवा वर्ग की है, जो ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में फंसकर समय और पैसा, दोनों गंवा रहा है। ऑनलाइन गेम के जरिये जुआ खेलने का धंधा घरों तक पहुंच गया है। ऑनलाइन जुआ का कारोबार करने वाले युवाओं को मोबाइल एप के जरिये गेम खेलने की आइडी बनाकर देते हैं। फिर प्वाइंटों में गेम चलता है.गेम के जरिये जुआ खेलने वाले युवा एक रुपये में एक प्वाइंट खरीदते हैं, जो उनके मोबाइल एप में रहता है। लत लगने के कारण प्वाइंट हारने पर युवा फिर रुपये खर्च कर प्वाइंट खरीदने को विवश हो जाता है।

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