उत्तराखंड की "निकिता" ने किया देश का नाम रोशन ,गरीबी से लड़ने के बावजूद भी बनी दुबई में एशियन चैंपियनशिप विनर ............... - Shubh Network

उत्तराखंड की “निकिता” ने किया देश का नाम रोशन ,गरीबी से लड़ने के बावजूद भी बनी दुबई में एशियन चैंपियनशिप विनर ……………

आज हम आप सभी लोगों को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के छोटे से गांव बड़ा लू के एक किसान परिवार में जन्मे निकिता चंद के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने पूरे भारत देश का सीना गर्व से ऊंचा कर दिया है और इस वक्त वहां से चल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बनी हुई है गांव के रहने वाले सुरेश चंद की बेटी जो थोड़ी सी खेती और बकरी पालन कर अपने जीवन का ज्ञापन करते थे और उसी से अपना घर का खर्च आया करते थे निकिता चेन ने पिछले दिनों एशियाई मुक्केबाजी में स्वर्ण जीतकर अपने परिवार के साथ साथ अपने देश का नाम रोशन किया है।

वर्ष 2006 में पिथौरागढ़ में जन्मीं निकिता ने दस साल की उम्र में बॉक्सिंग प्रतियोगिताएं शुरू कर दी थीं। वर्ष 2018 में, उन्होंने हरिद्वार में मिनी सब जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अपने से बड़े मुक्केबाज को हराया था। 2019 में सब जूनियर स्टेट चैंपियनशिप जीती। इसके बाद उन्होंने नैनीताल में स्कूल स्टेट चैंपियनशिप में कई गोल्ड जीते, तेरह साल की उम्र में 17 साल से कम उम्र में स्कूल नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। 2020 में कोरोना के कारण प्रतियोगिताओं का दौर बंद हो गया था लेकिन निकिता ने अपना अभ्यास जारी रखा। उन्होंने जुलाई 2021 में सोनीपत में आयोजित राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। सोनीपत में निकिता का प्रदर्शन राष्ट्रीय टीम में उनके चयन का आधार बना। वह 17 जुलाई को टीम के साथ दुबई के लिए रवाना हुई थी। दुबई में हुई प्रतियोगिता में निकिता ने कमाल किया था. सेमीफाइनल बाउट 5-0 और फाइनल बाउट भी पांच-शून्य से जीता।

निकिता की मां दीपा ने बताया कि उन्हें आठ साल की उम्र में बुआ और फूफा के साथ उनका भविष्य बनाने के लिए भेजा गया था। वे उसे आज इस मुकाम तक ले आए हैं। माता-पिता का कहना है कि बेटी के भविष्य के लिए वे उनके सीने पर पत्थर रखकर विदा करेंगे और उनकी बेटी ने उन्हें इस बलिदान का फल दिया. फूफा और मौसी ने बेटी को सोना बनाया।

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