उत्तराखंड के नमन और आर्य ने बनाया रचा इतिहास, विश्व रिकॉर्ड बनाकर किया नाम रोशन, छोटी उम्र में पाया बड़ा सम्मान - Shubh Network

उत्तराखंड के नमन और आर्य ने बनाया रचा इतिहास, विश्व रिकॉर्ड बनाकर किया नाम रोशन, छोटी उम्र में पाया बड़ा सम्मान

उत्तराखंड के बेटों ने प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है कम उम्र में कुंमाऊ के दो सपूत ने बड़ा कारनामा कर दिखाया और अपनी काबलियत के दम पर इतिहास रच दिया है । साथ ही विश्व रिकॉर्ड भी बनाया है। एक सुपूत चम्पावत का नमन जोशी है तो दूसरा नैनीताल का करन आर्य। बता दें कि नमन  जोशी ने सबसे कम उम्र में हिंदी उपन्यास लिखने का पहला विश्व रिकॉर्ड बनाया है। वहीं भवाली के करन ने टैटू बनाकर छोटी उम्र में पाया बड़ा सम्मान पाया है।

बता दें कि नैनीताल  के भवाली नगर के सेनिटोरियम निवासी करन आर्य ने सबसे कम ( 20 साल ) में टैटू कलाकार के रूप में अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया है । करन को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से मेडल और प्रमाणपत्र दिया गया । है । करन वर्तमान में लखनऊ में अपना टैटू स्टूडियो चला रहा है । करन के पिता हरीश चंद्र सेनिटोरियम अस्पताल में वाहन चालक हैं । इसको लेकर क्षेत्रवासियों ने भी खुशी जाहिर की है ।

वहीं चम्पावत जिला मुख्यालय  के नमन जोशी को  इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से उन्हें यंगेस्ट ऑथर ऑफ हिंदी नावेल (हिंदी उपन्यास का सबसे युवा लेखक) खिताब से नवाजा गया है। उन्हें प्रमाण पत्र और मेडल मिला है।  यह सम्मान उन्हें 2016 में 14 वर्ष, आठ माह की उम्र में हिंदी उपन्यास मेड एलियन लिखने के लिए मिला है।

आपको बता दें कि नमन अब तक तीन उपन्यास लिख चुके हैं। नमन ने मेड एलियन के अलावा ‘खौफ जब गली बदल ले’ और ‘जिंदगी तनहा सी चाहिए’ हिंदी उपन्यास भी लिखा है। बच्चों की इस कामयाबी से प्रदेश  में खुशी की लहर है और हर कोई उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहा है।

 

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