चमोली के छोटे से गांव के प्रदीप अपनी कला से कर रहे है सबको हैरान, बेजान लकड़ियों में जान डालकर कमा रहे लाखों.. - Shubh Network

चमोली के छोटे से गांव के प्रदीप अपनी कला से कर रहे है सबको हैरान, बेजान लकड़ियों में जान डालकर कमा रहे लाखों..

उत्तराखंड में जहां एक ओर पहाड़ का नौजवान रोजगार की तलाश में यहां से पलायन कर रहा है वहीं चमोली के पीपलकोटी में हस्तशिल्प और काष्ठ कला के उस्ताद प्रदीप हस्तशिल्प कला को नयी पहचान दिलाने की मुहिम में जुटे हुए हैं। उनके हाथों का जादू देख लोग हैरान रह जाते हैं खासकर उनके बनाए रिंगाल और बांस के उत्पादों की अच्छी मांग है।

बंड क्षेत्र के किरुली गांव के प्रदीप कुमार गायव होती इस कला को बचाने के मिशन में भी जुटे हैं । वे विभिन्न जगहों जाकर लोगों को इसका प्रशिक्षण भी देते हैं । हस्तशिल्प काष्ठ कला प्रदीप कुमार ( 45 ) का पुश्तैनी काम है छोटी उम्र से ही वे मूर्तियां और रिंगाल के उत्पाद बना रहे हैं । उनके बनाए रिंगाल और बांस के उत्पादों की अच्छी डिमांड है । इनकी बनाई रिंगाल की टोकरियां बदरीनाथ केदारनाथ मंदिरों के साथ ही अन्य जगह भी जाती हैं ।

बीते साल लॉकडाउन के समय प्रदीप बदरीनाथ और केदारनाथ के मॉडल तैयार किए । यह मॉडल उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही विभिन्न सरकारी अधिकारियों जनप्रतिनिधियों को प्रतीक चिह्न के तौर पर सरकारी और गैर सरकारी विभागों ने भेंट किए । देश में विभिन्न स्थानों पर दे चुके हैं प्रशिक्षण प्रदीप इस हुनर को लोगों तक पहुंचाने के प्रयास में जुटे हैं । इसी के तहत वह देहरादून , दिल्ली , असम , गोवा , अहमदाबाद सहित देश के विभिन्न जगहों पर आयोजित शिविरों में लोगों को हस्तशिल्प कला का प्रशिक्षण दे चुके हैं ।

इसी साल उद्योग विभाग चमोली और ग्रोथ सेंटर पीपलकोटी की तरफ से 40 प्रशिक्षणार्थियों को रिंगाल और काष्ठ कला का प्रशिक्षण दिया गया । हस्तशिल्प कला में अब तक वह 500 से अधिक लोगों को विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षित कर चुके हैं ।

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