हरिद्वार आना अब आसान नहीं, बॉर्डर पर पुलिस मुस्तैद, कोरोना रिपोर्ट और पंजीकरण जरूरी

उत्तराखंड में हाल ही में हुए महाकुंभ में हुई कोरोना जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस फर्जीवाड़े की खबरे छप रही है। तो वहीं दूसरी और एक बार फिर हरिद्वार में डूबकी लगाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना का कहर जहां छाया हुआ है। लॉकडाउन के कारण कोरोना के मामलों में कमी आई है। लेकिन तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। ऐस में गंगा दशहरा के मौके पर भारी संख्या से प्रशासन सतर्क हो गया है। बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाने के आदेश जारी किए गए है।

बता दें कि हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का बहुत महत्व है। गंगा दशहरा 20 जून को पड़ रहा है। ये दिन मां गंगा की जयंती  का दिन माना गया है। इस दिन लोग गंगा स्नान करते है।मानयता है कि जो भी व्यक्ति इस ख़ास दिन गंगा में स्नान करने के पश्चात दान करता है तो, उसके सभी तरह के पाप धूल जाते हैं।

हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए यात्रियों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसलिए गंगा दशहरे पर होने वाले स्नान के मद्देनजर 19 जून की सुबह से ही जिले के सभी बॉर्डरों पर पुलिस का पहरा लग जाएगा। 20 जून की शाम आठ बजे तक पहरा रहेगा।श्रद्धालुओं को हरिद्वार आने के लिए  72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट और पंजीकरण  कराना जरूरी होगा। अन्यथा उन्होंने एंट्री में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

गौरतलब है कि इस बार गंगा दशहरा के अवसर पर स्नान सांकेतिक ही होगा। गंगा सभा के पदाधिकारियों व पुरोहितों को ही सिर्फ अनुमति दी जाएगी। वहीं हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

 

 

 

 

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