कैसे एक आईपीएस के घर में मिला करोड़ों रुपए से भरा हुआ तहखाना

हाल ही में पता चला है कि एक आईपीएस अफसर के पास नोटोंसे भरा हुआ बैग बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि इस आईपीएस ऑफिसर के किसी नेता से भी संबंध है। सूत्रों के मुताबिक यह रकम 100 करोड़ है। ये छापेमारी नोएडा सेक्टर के एक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अवसर राम नारायण सिंह आवासीय कार्यालय पे हुई थी।


कैसे हुई छापेमारी
सूत्रों के अनुसार आईटी अधिकारी रविवार देर शाम को नोएडा सेक्टर 50 पहुंचे थे और वहाँ पर उन्होंने अपना तलाशी अभियान चालू किया इस दौरान उन्होंने 100 करोड़ नकद पैसे बरामद किए। बरामद किए गए नोटों मे 2000 और 500 रुपये के थे विभाग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार यह बताया जा रहा है कि अफसर के समाजवादी पार्टी से काफी अच्छे संबंध हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया कि जहाँ पे इनका ऑफिस है वहाँ पे समाजवादी पार्टी से जुड़े कई और लोगों के ऑफिस भी है। हालांकि अभी तक किसी ने इस पूरे मामले पर अपना मुँह नहीं खोला है लेकिन इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि केंद्रीय एजेंसियां समाजवादी पार्टी की आर्थिक रिसोर्स पर प्रहार करने में लगी हुई है।


कहा पर की गई छापेमारी
जिसे आईपीएस अफसर के बिल्डिंग पर छापेमारी हुई थी आपको बता दे कि यह छापेमारी उस बिल्डिंग के बेसिन में की गयी जहाँ पर करोड़ों रुपये नकद रखा हुआ था। जिसे आईपीएस अफसर क्या यहाँ पर छापेमारी हुई उस तहखाने में वे कथित तौर पर फर्म चलाते थे। इस तहखाने में 650 लॉकर है। इस बात का पता लगाने के लिए किए बेनामी सम्पत्ति किस्से संबंधित है एक जांच कमेटी का गठन भी किया गया है। विदेश की स्पीक सीटों पर सात चरणों में मतदान शुरू होंगे। 14 फरवरी 20 फरवरी 23 फरवरी 27 फरवरी 3 मार्च और 4 मार्च को अन्य चरणों के मतदान उत्तर प्रदेश में होंगे। इस तरह की एक और घटना के कारण उत्तर प्रदेश के वाराणसी और जौनपुर में कई जगहों पर छापेमारी भी की गई है। कई अधिकारियों को जब कुछ खुफिया जानकारी मिली तब उन्होंने कई ज्वैलर्स के परिसरों पर भी छापेमारी की। इन मामलों की जांच करने के लिए दर्जनों टीमों का गठन किया गया है। आईटी अधिकारियों की ये सभी टीमें वाराणसी और जौनपुर में स्थित जगहों पर छापेमारी कर रही है। वे उन जगहों पर छापेमारी कर रही है जहाँ पर उन्हें छापेमारी करने के या तो निर्देश मिले हैं या फिर उन्हें शक है कि यहाँ से हवाला के पैसे जुलूस की मदद से यहाँ से वहाँ ट्रांसफर किए जाते हैं अधिकारियों को शक है कि इनकी हवाला कि इस ट्रांजेक्शन का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है।

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