IPL में अश्विन के ‘मांकड़िंग’ से परेशान हो जाते हैं खिलाड़ी

दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच रिकी पोंटिंग ने मीडिया से बातचीत करते हुए, दूसरे खिलाड़ियों के लिए एक सन्देश जारी किया हैं. उन्होंने कहा है की इस बार वह भारत के सीनियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को किसी भी हाल में ‘मांकड़िंग’ नहीं करने देंगे. उन्होंने इसके पीछे का तर्क देते हुए कहा की यह खेल भावना के खिलाफ हैं और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए.आपको बता दें की पिछले साल हुए आईपीएल में रविचंद्रन अश्विन ने राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज जोस बटलर 69 रन पर नॉन-स्ट्राइकर एन्ड से ही ड्रेसिंग रूम में भेज दिया था. दरअसल गेंद के फेंके जाने से पहले ही जोस बटलर क्रीज़ से बाहर जा रहें थे, ऐसे में रविचंद्रन अश्विन ने गेंद फेंकने की बजाए उनकी विकेट गिराना ज्यादा सही समझा.

ashwin-to-use-mankading-during-upcoming-ipl-pic

आउट करने के तरीके का यह नाम वीनू मांकड़ के नाम से पड़ा हैं. वीनू मांकड़ ही वह खिलाड़ी थे, जिन्होंने इस तरीके से सबसे पहले 1947 में ऑस्ट्रेलिया के बिल ब्राउन को आउट किया था. उनका यह मानना था की इस तरह से आउट किये जाना खेल नियमों के खिलाफ नहीं हैं, हालाँकि कुछ लोग इसे खेल भावना से जोड़कर देखते हैं.

ashwin-to-use-mankading-during-upcoming-ipl-pics

अब अश्विन क्योंकि किंग्स इलेवन पंजाब की बजाए दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेल रहें हैं, इसलिए रिक्की पोंटिंग ने उनके कोच होने के नाते यह ब्यान दिया हैं. रिक्की पोंटिंग ने ब्यान देते हुए कहा की, “मैं उनसे इसके (मांकड़िंग) बारे में बात करूंगा, मैं पहली चीज यही करूंगा. यह उनके साथ सख्ती वाली बातचीत होगी. मुझे लगता है कि शायद वह कहेंगे कि यह नियमों के हिसाब से था और उनके पास ऐसा करने का अधिकार है. लेकिन यह खेल भावना के अंतर्गत नहीं है, यह वो तरीका नहीं है जो मैं चाहता हूं, कम से कम दिल्ली की टीम इसका इस्तेमाल करे.”उन्होंने अपने ब्यान को जारी रखते हुए कहा की, “निश्चित रूप से वह (अश्विन) पिछले साल हमारी टीम में नहीं थे, वह इस साल हमारे खिलाड़ियों में शामिल हैं. देखिए वह शानदार गेंदबाज हैं और उन्होंने काफी लंबे समय तक आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है.”
ashwin-to-use-mankading-during-upcoming-ipl-photo

+