जब सब लोग मृत समझकर छोड़ गए थे, उसी वक्त फरिश्ता बनकर आई इस महिला के लिए पुलिस दिया जीवनदान……….

केदारनाथ पर लगे प्रतिबंधों पर उसके कारण कई श्रद्धालु अब धीरे-धीरे कहता है भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे हैं और उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती चली जा रही है पूरे देश के कोने-कोने से लोग आते हैं भगवान भोले शंकर के दर्शन करने के लिए इसमें कुछ बुजुर्ग भी होते हैं जो कि अपनी मन्नतें और अपनी मन्नत ओं की पूर्ति के लिए मनोकामना मांगने आते हैं भगवान भोले शंकर के दर्शन करते हैं और अपने भविष्य के लिए कुछ ना कुछ अवश्य मांगते हैं। जिनके लिए पुलिस दिन-रात श्रद्धालुओं की मदद कर रही हैं और उनके लिए हर संभव प्रयास कर रही है दुखी मुमकिन है तीर्थ यात्रियों को पुलिस द्वारा हर संभव सहायता प्रदान करे जा रही है।

आइए मामले का संक्षिप्त विवरण दें। केदारनाथ धाम में एक होटल मालिक ने होटल के सामने एक बूढ़ी औरत को बेहोश देखा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने फौरन कार्रवाई की और चौकी प्रभारी मंजुल रावत टीम के साथ मौके पर पहुंचे| पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से महिला को केदारनाथ के स्वास्थ्य केंद्र ले गई जहां डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया और उसे होश में लाया गया|

महिला 71 वर्षीय बाई पटेल थी, जो छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ छत्तीसगढ़ से केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए आई थी और अचानक बेहोश हो गई। उसके साथियों ने उसे मरा समझकर शायद वहीं छोड़ दिया और चला गया। पुलिस टीम ने महिला को केदारनाथ मंदिर का दर्शन कराया और महिला को त्रियुगीनारायण से सोनप्रयाग लाया गया, जहां से वृद्ध महिला यात्री को बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया|

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