उत्तराखंड के कुछ अधिकारी ऐसे भी, स्कूल मिला बंद, तो गेट फांदकर अंदर पहुँची उप शिक्षा अधिकारी, बच्चों को भी पढ़ाया

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की हालत किसी से छुपी नही है। समय समय हर शिक्षको की लापरवाही की बानगी बयां करती तस्वीरे सामने आती रही है। लेकिन जहां लापरवाही है वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी है जो हर स्थिति में अपना फर्ज निभाते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर काशीपुर से सामने आई है। यहां जब औचक निरीक्षण पर पहुचीं उपशिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी को स्कूल बंद मिला। और स्कूल खुलने के इंतजार में बच्चे गेट पर खड़े मिले तो वह खुद गेट फांदकर स्कूल के अंदर पहुँच गई।

ये घटना है प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर की। यहां निरीक्षण के दौरान शिक्षक नदारद मिले। इतना ही नही बच्चे भी स्कूल बंद होने के कारण गेट के बाहर ही बैठे मिले। सुबह उपशिक्षा अधिकारी 8 बजे प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर पहुंची, लेकिन उन्हें स्कूल बंद मिला स्कूल में ना तो शिक्षक पहुंचे और ना ही भोजन माता आई। जबकि स्कूल में पंजीकृत सभी 30 बच्चे स्कूल के गेट के बाहर पहुंच गए। करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी शिक्षक के न पहुंचने उपशिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी को गेट फांदकर स्कूल के अंदर एन्ट्री करनी पड़ी।जिसके बाद उपशिक्षा अधिकारी ने स्कूल पहुंचे बच्चों को पढ़ाया भी।

वहीं, उन्होंने स्कूल शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी केवल 2 दिन स्कूल खुले हुए हो रहे हैं, ऐसे में शिक्षक का न आना और स्कूल बंद होना घोर लापरवाही है। शिक्षक का वेतन काटने के साथ ही उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उधर, स्थानीय लोग उपशिक्षा अधिकारी की इस पहल की काफी सराहना कर रहे हैं।

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