उत्तराखंड के गांधी के गांव में बिना शिक्षक चल रहा स्कूल, CM तक पहुंची जिला पंचायत अध्यक्ष

उत्तराखंड के गांधी महानायक स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के पैतृक गांव ग्रामसभा अखोडी के अंतर्गत सरकार द्वारा राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज अखोडी को आदर्श विद्यालय का नाम तो दिया गया। लेकिन इस विद्यालय मे शिक्षकों के रिक्त पदों को न तो भरा गया। बल्कि कार्यरत अध्यापकों को अन्य विद्यालयों में व्यवस्था कर दी गई।

शासन की अनदेखी से परेशान और नीतियों के विरोध में अभिभावक संघ मुखर हो गया और अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर आंदोलन करने लगा । जब इन आंदोलनकारियों की किसी ने नही सुनी तो इनकी आवाज़ सीएम धामी तक पहुंचाने के लिए आगे आई जिलापंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण। सोना ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि वह एक सच्ची जनप्रतिनिधि है।

आपको बता दें कि स्कूल में विगत कई वर्षों से प्रवक्ता गणित, प्रवक्ता अर्थशास्त्र, प्रवक्ता अंग्रेजी, प्रवक्ता रसायन विज्ञान रिक्त चल रहे हैं। पद पर छात्राओं के पठन-पाठन में अंधकार में जीवन जीने को मजबूर छात्रों के परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शासन से शिकायत के बाद भी अभी तक रिक्त पदों पर तैनाती नहीं की जा रही है।

जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस विद्यालय से कई वर्षों से शिक्षकों का वेतन तो लिया जा रहा है मगर शिक्षकों की ऊंची पहुंच होने के कारण उनको देहरादून के विद्यालयों में अटैच कर दिया गया है। आक्रोशित ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर हो गए है।

वहीं अब आंदोलनकारी ग्रामीणों की आवाज़ जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने सीएम तक पहुंचाई। जिसके बाद जनपद टिहरी के भ्रमण पर रहे सीएम धामी को मंच के माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने अवगत कराया और सीएम धामी ने तत्काल धरना और अनशन समाप्त करने को कहा।

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