धारचूला में बादल फटने से मची भारी तबाही , कई घर हुए ज़मीदोज़, कई लोग लापता,रेस्क्यू जारी

उत्‍तराखंड में लगातार बारिश का कहर जारी है। रविवार रात सीमांत जिले पिथौरागढ़ की धारचूला तहसील और नेपाल के गांव में एक साथ बादल फटने से भारी तबाही मची है। धारचूला के जुम्मा गांव में जामुनी तोक में लगभग पांच और सिरौउड़यार तोक में दो आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, करीब पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। अब तक दो लोगों के शव बरामद किए गए हैं। वहीं नेपाल के सिरबगड़ में बादल फटने से आए मलबे से काली नदी का प्रवाह रोक दिया। जिसके चलते धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना के प्रशासनिक कार्यालय और कॉलोनी तक काली नदी का पानी जमा हो गया। कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने दहशत के साए में तीन मंजिला भवन की छत पर रात गुजारी। मौके पर रेस्क्यू कार्य जारी है।

बताया जा रहा है कि बादल फटने से धारचूला तहसील से 12 किमी दूर कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग से लगे जुम्मा गांव का संपर्क शेष जगत से कट गया है। सर्वाधिक तबाही इसी गांव में मची है। गांव के 7 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जबकि 2 शव बरामद हुए हैं। मौके पर रेस्क्यू कार्य जारी है। वहीं कई मकान क्षतिग्रस्‍त हो गए हैं। रात में ही गांव से भागकर ग्रामीणों ने सुरक्ष‍ित जगह पर पनाह ली। हाइवे सहित सभी पैदल मार्ग बंद होने से गांव तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। धारचूला में अंतरराष्ट्रीय झूला पुल तक पानी पहुंच गया। सीमांत में बादल फटने से काली नदी, कूलागाड़ और एलागाड़ ने रौद्र रूप ले लिया है।

जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बादल फटने से आई आपदा से खोज एवं बचाव कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश देकर अधिकारियों को क्षेत्र में भेज दिया है। वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व दल मौके को रेस्क्यू कार्य में जुटे हुए हैं।

 

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