देहरादून के मशहूर वेल्हम स्कूल पर लगे हलाल मीट परोसने का आरोप,बजरंग दल ने किया प्रदर्शन

देहरादून एजुकेशन सीटी के नाम से जाना जाता है। यहां सिर्फ राज्य के ही नहीं अन्य राज्यों से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते है। लेकिन दून के मशहूर विद्यालय वेल्हम स्कूल में हलाल मीट को लेकर बवाल मच गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने वेल्हम ब्वॉयज स्कूल प्रशासन पर मेस में हलाल मीट परोसने का आरोप लगाते हुए स्कूल परिसर के बाहर जमकर हंगामा काटा।

बता दें कि हाल ही में स्कूल द्वारा हलाल मीट के टेंडर के लिए एक विज्ञापन जारी किया था जिसके बाद से मामले ने तूल पकड़ लिया। हालांकि स्कूल उप प्रधानाचार्य महेश कांडपाल ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि  स्कूल की ओर से तीन दिन हलाल और तीन दिन झटका वाला मीट उपलब्ध करवाया जाता है, जिसके सप्लायर भी अलग-अलग होते हैं। पहले हलाल का विज्ञापन जारी हो चुका है, जबकि झटका वाला विज्ञापन शनिवार को जारी किया जाएगा, जिससे किसी को आपत्ति न हो।

बता दें कि हलाल में जानवर के शरीर से खून का अंतिम कतरा निकलने तक उसका जिंदा रहना जरूरी होता है. यह ‘झटका’ की तुलना में काफी दर्दनाक है। हलाल विधि में जानवर की गर्दन को थोड़ा सा काटकर एक टब में छोड़ देते हैं. ऐसा करने से जानवर की धीरे-धीरे खून बहने से तड़प-तड़प कर मौत हो जाती है. मुस्लिम समुदाय के लोग हलाल मीट खाते हैं। वहीं झटका हिंदु व सिख समुदाय खाते है। लेकिन वैज्ञानिक भी हलाल मीट खाने को तरजीह देते है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हलाल मीट में जानवर का दुषित खून बाहर निकल जाता है जिससे बिमारियों का खतरा नहीं रहता जबकि झटका से बिमारी का खतरा रहता है।

 

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