उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में अब गढ़वाली कुमाऊंनी और नेपाली भाषा में करे डिप्लोमा कोर्स - Shubh Network

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में अब गढ़वाली कुमाऊंनी और नेपाली भाषा में करे डिप्लोमा कोर्स

उत्तराखंड देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां क्षेत्रिय भाषा का कोई कोर्स नही है।उत्तराखंड की संस्कृति और यहां की भाषा को बचाए रखने के लिए  उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है। युवा अब उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय भाषा के तहत नेपाली गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। विवि में इसी सत्र से नेपाली,गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में 6 महीने का प्रमाण पत्र और एक साल का डिप्लोमा कोर्स शुरू किया जाएगा।

राज्य में बोली जाने वाली कुमाऊंनी और गढ़वाली के साथ नेपाली को भी पाठयक्रम में शामिल किया गया है। बता दें कि नेपाल हमारा पड़ोसी देश है। हमारा नेपाल से रोटी-बेटी का रिश्ता पहले से ही रहा है, इसलिए नेपाली भाषा हमारे लिए एक क्षेत्रीय भाषा से कम नहीं। इसलिए इस भाषा को भी उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषा में रखा गया है।

बता दें कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के मानविकी विद्याशाखा की ओर से क्षेत्रीय भाषा के तहत नेपाली भाषा पाठ्यक्रम संचालित करने का निर्णय अध्ययन समिति (बीओएस) की वर्चुअल बैठक में लिया गया। यह बैठक विद्याशाखा के निदेशक प्रो. एचपी शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पाठ्यक्रम शुरू करने से संबंधित पाठ्यवस्तु के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई।

प्रस्ताव के अनुसार नेपाली भाषा में 6 माह का प्रमाण पत्र व एक वर्ष का डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। जो यूजीसी के मानकों के तहत 28 क्रेडिट का होगा। इनमें प्रवेश की योग्यता 12वीं पास है। पाठ्यक्रम में गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा शामिल होने से उत्तराखंड की संस्कृति को संजोया जा सकता है । कुल मिलाकर कहें तो आपके लिए ये एक बेहतरीन खबर हो सकती है। गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा से जुड़े रहना काफी जरूरी है।

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