एक महिला पर खूंखार गुलदार ने करा हमला कुत्ते ने जान की बाजी लगाकर बचाई मालकिन की जान

पहाड़ो पर बेल”गा”म होते हिं”स”’क जनवरो ने आमजनों का जीना दूभर कर दिया है। दिनों दिन बढ़ते इन हिं”स”क जानवरो के हिं”स”क ह”म”ले में लोग अपने मवेशियों के साथ साथ अपनी भी जान खो रहे है। प्रसासन आँखे मूंदकर सोया पड़ा है। पिछले 1 महीने से पहाड़ी इलाकों में गुलदार के आ”तं”क’ ने दर्जनों ग्रामीण इलाकों में लोगों को दह”श”त में जीने को मजबूर कर रखा है मानव वन्यजीव सं”घ”र्ष की घ”ट”ना”एं बढ़ने के अलावा अब तक कई लोगों की जा”न जा चुकी हैं

संस, द्वाराहाट (अल्मोड़ा): सर्दी की दस्तक के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदारों की ध”म”क बढ़ने लगी है। गुलदार मानव टक”राव की बढ़ती घ”ट”ना”ओं के बीच विकासखंड के सुदूर रड़ा गांव में बीती देर रात महिला पर ह”म’ला कर दिया। चीख पुकार पर पालतू कुत्ते के आ”क्रा”म”क रुख दिखाने पर गुलदार से भि”’ड़”त हो गई। इसमें कुत्ता घा”य”ल जरूरी हो गया पर अपनी मालकिन को बचा ले गया। इधर वन्य जीव विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अक्टूबर से जनवरी के बीच का समय बेहद सं”वे”द”नशी”ल रहता है। इस अवधि में गुलदार आ”क्रा”मक मु”द्रा में आ जाते हैं।
विकासखंड के सुदूर रड़ा गांव में बीती देर रात रमेश चंद्र पुजारी की पत्नी कमला देवी घर से बाहर निकली। तभी घुप्प अंधेरे में आंगन के एक कोने पर घा”त लगाए गु’ल’दा”र’ ‘ने ह”म’ला’ कर दिया। बीचबचाव को म’हि’ला’ ची”खी” ”चि’ल्ला’ई’। तभी उसका पा”ल”तू’ कु’त्ता’ मा’ल’कि’न को बचाने के लिए गुलदार पर ”झप’ट’ पड़ा। मुठभेड़ में कुत्ता घा’य’ल हो गया लेकिन महिला की जान बचा ली।
इधर अल्मोड़ा जनपद के लमगड़ा, ताड़ीखेत, धौलादेवी, हवालबाग ब्लाक के तमाम गांवों में शाम ढ”ल”ते”’ ही गुलदारों की ध”म”क” से लोग दहशत में हैं।\ विशेषज्ञ शिकारी लखपत सिंह रावत कहते हैं कि अक्टूबर मध्य बाद गु’ल”दा’रों का प्रज’न”न’का’ल शुरू हो जाता है। ऐसे में गुलदार जहां जो’ड़े’ ‘में घू’म’ते’ हैं’ वहीं ये आ”क्रा”मक रहते हैं। खासतौर पर मादा गुलदार इस अवधि में हि’स’क हो जाती है। ऐसे में खुद की सुर”क्षा के लिए मानव को सत’र्क’ता की जरूरत है।

+